आगे बढ़ता चला जा

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मुश्किलें राह में आयेंगी बहुत,
तू खुद को बुलंद बनाता चला जा।
ना रुक, ना झुक किसी के लिये,
खुद को अपना हौसला बनाता चला जा।
उम्मीदों के दामन को तू न छोड,
और नयी उम्मीदें जगाता चला जा।
ना तोड पायेंगी किसी की कड़वी बातें तुझे,
तू अपने कदम आगे बढ़ाता चला जा।
राह में काॅटें भी मिलेंगे तुझे,
पार कर उनको, फूल बिखेरता चला जा।
कहीं छुप कर बैठा है तेरा हौसला तुझमें,
उसको ढूँढने तू कदम आगे बढ़ाता चला जा।
ना रोक पायेगी ये दुनिया तुझे,
तू अपने सपनों को जीने आगे बढ़ता चला जा।
                                                   -शैफाली गर्ग

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Arvind Prabhat

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