अभिनंदन ने पाकिस्तानी सेना की कैद में इस तरह से बिताए 24 घंटे

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न्यूज़ नेस्ट I भारतीय वायुसेना के विंग कमांडर अभिनंदन वर्तमान से पाकिस्तानी सेना ने खुफिया जानकारी हासिल करने की भरसक कोशिश की थी। एक सीनियर आधिकारिक सूत्रों के हवाले से लिखा है कि पाकिस्तान जांचकर्ताओं ने भारतीय सेना की तैनाती, हाई सिक्योरिटी रेडियो फ्रीक्वेंसिज और अन्य संवेदनशील जानकारियां निकलवाने की तमाम कोशिशें की थीं। लेकिन पायलट ने चट्टान की तरह अडिग रहकर पाकिस्तान के मंसूबे कामयाब नहीं होने दिए। अभिनंदन 24 घंटे पाकिस्तानी सेना की हिरासत में थे। 35 साल के पायलट पाकिस्तानी लड़ाकू विमान एफ-16 को मार गिराने के बाद गलती से नियंत्रण रेखा के पार पहुंच गए थे। इस दौरान पाकिस्तान के हमले में उनके विमान मिग 21 में भी आग लग गई थी। पैराशूट से कूदने पर वह पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में पहुंच गए और उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। इससे एक दिन पहले ही भारतीय वायुसेना के मिराज-2000 विमान ने पाकिस्तान के बालाकोट में स्थित जैश-ए-मोहम्मद के आतंकी कैंपों पर बमबारी करके उन्हें तबाह कर दिया था।
अभिनंदन वर्तमान से बात करने वाले एक अधिकारी ने बताया कि विंग कमांडर को सोने नहीं दिया गया और उनकी पिटाई की गई। हिरासत में रखने के दौरान वर्तमान को घंटों खड़ा रखा गया और बहुत तेज आवाज में संगीत सुनाया गया ताकि उन्हें असहज किया जा सके। पाकिस्तानी अधिकारियों ने उनसे वायुसेना की फ्रीक्वेंसी को लेकर जिसके जरिए वह संदेश भेजते हैं, लड़ाकू विमानों की तैनाती करते हैं और लॉजिकल व्यवस्था करते हैं, उसकी जानकारी हासिल करनी चाही लेकिन नाकाम रहे।अधिकारी ने कहा कि सभी भारतीय लड़ाकू विमान पायलटों को सिखाया जाता है कि जितना संभव हो सके उतनी देर तक सूचनाओं को देने से बचें। ताकि पहले 24 घंटे के दौरान फ्रीक्वेंसी और तैनातियों को बदला जा सके जिसके कारण विरोधी को होने वाले लाभ से बचा जा सके। अधिकारी ने कहा, ‘विंग कमांडर अभिनंदन ने बिलकुल ऐसा ही किया।’
पाकिस्तान वायुसेना भी उनसे पूछताछ कर रही थी लेकिन वह ज्यादातर समय पाकिस्तानी सेना के कब्जे में रहे।
इससे पहले 1999 के कारगिल युद्ध के दौरान पाकिस्तानी सेना ने फ्लाइट लेफ्टिनेंट कमबमपति नचिकेता को हिरासत में ले लिया था। उन्होंने उनके मिग-27 लड़ाकू विमान पर मिसाइल मारकर उसे नीचे गिरा दिया था। आठ दिनों बाद उन्हें भारत को लौटाया गया। इससे पहले उन्हें काफी तरह की यातनाएं दी गई थीं। उनसे जानकारी निकलवाने के लिए उनके पैरों के पास गोलियां मारी गई थीं।

 

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Pankaj Tyagi

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