देश में साझा सेवा केंद्रों को बैंकिंग प्रतिनिधि के तौर पर काम की अनुमति की घोषणा की

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अगले साल होने वाले आम चुनावों में ग्रामीण मतदाताओं को ध्यान में रखते हुए सरकार ने देश में सभी साझा सेवा केंद्रों (सीएससी) को बैंकिंग प्रतिनिधि के तौर पर काम करने की अनुमति देने की घोषणा की है। इसके साथ ही आगे चलकर सीएससी में बैंकों की विस्तारित शाखाएं भी खोली जा सकती हैं।
ये सेवा केंद्र डिजिटल इंडिया कार्यक्रम की परियोजना है और इसका परिचालन सार्वजनिक निजी साझेदारी मॉडल के तहत किया जाता है। देश भर में करीब 2.90 लाख ग्रामीण-स्तरीय उद्यमी सेवा केंद्रों के जरिये सार्वजनिक सेवाएं, सामाजिक कल्याण की योजनाओं, स्वास्थ्य देखभाल, वित्तीय, शिक्षा एवं कृषि सेवाओं के साथ ही साथ सुदूरवर्ती ग्रामीण इलाकों के नागरिकों को जरूरी सेवाएं मुहैया कराते हैं।
करीब 2 लाख से अधिक ग्राम पंचायतों में ऐसे सेवा केंद्र खोले जा चुके हैं और शेष 50 हजार में जल्द ही इसे शुरू किया जाएगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इलेक्ट्रॉनिक्स एंव आईटी मंत्रालय से हर ग्राम पंचायत में साझा सेवा केंद्र खोलने के लिए कहा था। देश भर में करीब 2.50 लाख ग्राम पंचायत हैं। वित्त, रेलवे और कोयला मंत्री पीयूष गोयल ने कहा, 2.90 लाख साझा सेवा केंद्र बैंकिंग प्रतिनिधि के तौर पर काम करने में सक्षम होंगे। देश में डिजिटल तकनीक के विस्तार से हमारे सकल घरेलू उत्पाद में 5 फीसदी की और वृद्धि हो सकती है।
श्री गोयल ने कहा कि सरकार साझा केंद्रों में बैंकों की विस्तारित शाखाएं खोलने की संभावना भी तलाशेगी। हालांकि उन्होंने इसके बारे में ज्यादा जानकारी नहीं दी। इसके अलावा, रेलवे और आईटी मंत्रालय ने एक समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं, जिसके तहत अगले 8 से 9 महीनों में इन साझा सेवा केंद्रों के जरिये रेलवे टिकट की बुकिंग की जा सकेगी।

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Pankaj Tyagi

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