गाजियाबाद: पिता-भाई की एक्सिडेंट में मौत, बेटी ने बोर्ड परीक्षा देकर फिर दी मुखाग्नि

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गाजियाबाद (न्यूज़ नेस्ट)I वह घर में सबका लाडला था, बुधवार को 5वीं क्लास में सेकंड आने पर घर में खुशी का माहौल था। देर रात पापा जब घर आए तो उसने पार्टी की बात कही। पिता तैयार हो गए और दोनों होटल से बाइक से खाना लेने के लिए निकले। घर के अन्य सदस्य पार्टी के लिए दोनों के आने का इंतजार कर रहे थे, लेकिन खाना नहीं, दोनों की मौत की खबर आई। घर में एक बेटी भी है, जो बुधवार को दिनभर बोर्ड एग्जाम की तैयारी करके पार्टी एंजॉय करने के लिए उत्साहित थी, लेकिन वह बेखबर थी इस बात से कि अगले दिन नियती उसका अलग ही इम्तिहान लेने वाली है। उसने पहले 10वीं के एग्जाम दिए और लौटकर पिता और भाई को मुखाग्नि भी दी।
चिरंजीव विहार की अवंतिका एक्सटेंशन कॉलोनी के जेपीवी अपार्टमेंट में रहने वाले रविंद्र (45 साल) घर के पास ही प्लास्टिक के बर्तनों की दुकान चलाते थे। उनका एक बेटा गर्वित (10 साल) पांचवीं में पढ़ता था। इसके अलावा परिवार में पत्नी रीना, बेटी टीया (14 साल) व मां लक्ष्मी (65 साल) हैं। परिवार वालों ने बताया कि इंडिया इंटरनैशनल स्कूल के क्लास 5 में पढ़ने वाले गर्वित का बुधवार को रिजल्ट आया था। वह क्लास में सेकंड आया था। इससे परिवार में खुशी का माहौल था। देर शाम करीब 9 बजे रविंद्र दुकान बंद करके घर पहुंचे तो गर्वित ने कहा, पापा आज पार्टी होनी चाहिए। इस पर रविंद्र ने कहा कि ठीक है होटल से खाना लेकर आते हैं। गर्वित भी पापा की बाइक पर बैठकर निकल गया। हापुड़ चुंगी पर पहलवान ढाबा से खाना लेकर जब वे लौट रहे थे तभी शास्त्री नगर के सामने से पीछे से आए एक वाहन ने उन्हें टक्कर मार दी। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना था कि टक्कर से रविंद्र की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि पीछे बैठे गर्वित के कमर के नीचे का हिस्सा कटकर अलग हो गया। लोग उसे अस्पताल ले जाने लगे।
शरीर का निचला हिस्सा अलग होने के बाद भी पूछा पिता का हाल
मौके पर मौजूद लोगों का कहना था कि हादसे के बाद बच्चे के शरीर का निचला हिस्सा अलग हो गया था। जब लोग उसे उठाकर हॉस्पिटल ले जा रहे थे तो उसने अपने पापा (रविंद्र) के बारे में पूछा। उसने मां का नंबर बताते हुए उन्हें कॉल करने के लिए कहा। इसके बाद वह बेहोश हो गया। इस बीच मौके पर पहुंची पुलिस उसे हॉस्पिटल ले गई, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
परिवार वालों के अनुसार, देर रात पुलिस ने जब हादसे में रविंद्र और गर्वित की मौत की सूचना दी तो उनकी पत्नी रीना और मां बेहोश हो गई। बेटी टीया भी सुबक-सुबक कर रोई, लेकिन अन्य सदस्यों की हालत देखकर उसने दादी व मां को ढांढस बढ़ाया। सुबह परिवार वालों की सलाह पर वह 10वीं का एग्जाम देने गई। दोपहर 2 बजे एग्जाम देकर घर लौटी और छोटे भाई और पिता की शव यात्रा में शामिल हुई। उसने हिंडन शमशान घाट पर ताऊ अनिल के साथ मिलकर दोनों को मुखाग्नि दी। हालांकि, इसके बाद उसकी हिम्मत जवाब दे गई और वह ताऊ से लिपटकर फूठ-फूट कर रोई।
उनके पिता की भी रोड एक्सिडेंट में हुई थी मौत
हादसे में जान गंवाने वाले रविंद्र के पिता चेतराम की भी दस साल पहले रोड एक्सिडेंट में मौत हुई थी। उस समय वह चिरंजीव विहार में रहते थे और 2009 में कविनगर क्षेत्र में एक वाहन ने उन्हें टक्कर मार दी थी। हादसे के बाद टक्कर मारने वाला वाहन चालक मौके से फरार हो गया था। इस हादसे में भी ड्राइवर फरार हो गया।
राजकुमार शर्मा, एसएचओ कविनगर का कहना है, पुलिस बाइक को टक्कर मारने वाले वाहन चालक की तलाश में जुटी है। जल्द ही उसे गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

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Pankaj Tyagi

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